History 12th Chapter 1 Bihar Board



लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

1. सिंधु घाटी सभ्यता में उत्पादित होने वाले चार प्रमुख कृषि उत्पादों के नाम लिखें।

उत्तर: सिंधु सभ्यता में उत्पादित होने वाले चार प्रमुख कृषि उत्पाद निम्नलिखित हैं:

(i) गेहूं

(ii) दाल

(iii) जौ

(iv) सफ़ेद चना

2. सिंधु घाटी सभ्यता की जल निकासी प्रणाली की दो विशेषताएँ लिखें।

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता के जल निकासी प्रणाली की विशेषताएँ:

  • हड़प्पा सभ्यता के हर घर में अपनी नाली होती थी।

  • हर घर की नाली मुख्य सड़क के दोनों ओर बनी पक्की नालियों से जुड़ी होती थी।

3. हड़प्पा सभ्यता को 'सिंधु घाटी की सभ्यता' क्यों कहते हैं?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता के सर्वाधिक स्थल सिंधु नदी घाटी क्षेत्र में स्थित हैं, इसीलिए हड़प्पा सभ्यता को सिंधु घाटी की सभ्यता भी कहते हैं।

4. हड़प्पा सभ्यता को 'कांस्य युग' की सभ्यता क्यों कहा जाता है?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता में कांसा (Bronze) धातु का प्रयोग सर्वाधिक किया जाता था, इसीलिए इसे कांस्य युग की सभ्यता कहा जाता है।

5. सिंधु सभ्यता का नाम 'हड़प्पा सभ्यता' क्यों पड़ा?

उत्तर: सिंधु घाटी सभ्यता में सबसे पहले 'हड़प्पा' नामक स्थल की खोज हुई थी, इसीलिए इस सभ्यता का नाम हड़प्पा सभ्यता पड़ा।

6. सिंधु घाटी की सभ्यता की जानकारी के स्रोतों का विवरण दीजिए।

उत्तर: सिंधु घाटी की सभ्यता की जानकारी के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित हैं:

  • आवास (Houses)

  • मृदभांड (Pottery)

  • आभूषण (Jewelry)

  • औजार (Tools)

  • मुहरें (Seals)

7. अभिलेख किसे कहते हैं? अभिलेखों का क्या महत्व है?

उत्तर: पत्थर या धातु जैसी कठोर सतह पर लिखे गए लेख को अभिलेख कहते हैं। अभिलेखों से हमें प्राचीन इतिहास, शासकों और उनके द्वारा किए गए कार्यों की विश्वसनीय जानकारी मिलती है।

8. अभिलेखों के दो महत्व बताइए।

उत्तर: अभिलेखों के दो महत्व निम्नलिखित हैं:

(i) इनसे तत्कालीन सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और धार्मिक जीवन की जानकारी मिलती है।

(ii) इनसे शासकों के नाम और उनकी उपलब्धियों का पता चलता है।

9. पुरातत्व से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: वह विज्ञान जिसके माध्यम से पृथ्वी के गर्भ में छिपी हुई सामग्री की खुदाई कर अतीत के लोगों के भौतिक जीवन का ज्ञान प्राप्त होता है, उसे पुरातत्व (Archaeology) कहा जाता है।

10. कार्बन-14 (C-14) विधि क्या है?

उत्तर: तिथि निर्धारण की वैज्ञानिक विधि को कार्बन-14 विधि कहा जाता है। इस विधि के अनुसार, जीवित वस्तु में C-12 और C-14 समान मात्रा में पाए जाते हैं। मृत्यु के बाद C-12 स्थिर रहता है, लेकिन C-14 की मात्रा कम होने लगती है। जिस पदार्थ में कार्बन की मात्रा जितनी कम होती है, वह उतना ही प्राचीन माना जाता है।

11. उत्खनन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: धरातल से खुदाई करके पुरातात्विक सामग्री प्राप्त करने की प्रक्रिया 'उत्खनन' कहलाती है।

12. हड़प्पा कालीन सिंचाई के दो साधनों को बताएं।

उत्तर: हड़प्पा कालीन सिंचाई के दो प्रमुख साधन नहर और जलाशय थे। शोर्तुघई (अफगानिस्तान) से नहर और धौलावीरा (गुजरात) से जलाशय के अवशेष मिले हैं।

13. हड़प्पा के चार प्रमुख केंद्रों/नगरों का नाम बताएं।

उत्तर: प्रमुख केंद्र: (i) हड़प्पा, (ii) मोहनजोदड़ो, (iii) कालीबंगन, (iv) लोथल।

14. विशाल अन्नागार पर टिप्पणी लिखें।

उत्तर: मोहनजोदड़ो से एक विशाल अन्नागार (Granary) का साक्ष्य मिला है। यह अनाज रखने का एक बहुत बड़ा गोदाम था, जिसमें हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था थी ताकि अनाज सुरक्षित रहे।

15. मोहनजोदड़ो के विशाल स्नानागार का वर्णन करें।

उत्तर: विशाल स्नानागार मोहनजोदड़ो का एक महत्वपूर्ण स्मारक है। इसका आकार 12 मीटर लंबा, 7 मीटर चौड़ा और 2.5 मीटर गहरा था। इसके चारों ओर कमरे और बरामदे थे। इसका उपयोग धार्मिक या अनुष्ठानिक स्नान के लिए किया जाता था।

16. लोथल कहां है? इतिहास में इसका क्या महत्व है?

उत्तर: लोथल गुजरात के अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के किनारे स्थित है। यह सिंधु सभ्यता का एक प्रसिद्ध बंदरगाह (Port) था। यहाँ से मनके बनाने के कारखाने भी मिले हैं।

17. सिंधु घाटी सभ्यता के दो प्रमुख समकालीन सभ्यताओं के नाम लिखें।

उत्तर: (i) मेसोपोटामिया की सभ्यता, (ii) मिस्र की सभ्यता।

18. हड़प्पा सभ्यता की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख करें।

उत्तर: (i) यह एक सुनियोजित नगरीय सभ्यता थी। (ii) इसकी जल निकासी प्रणाली अत्यंत विकसित और वैज्ञानिक थी।

19. हड़प्पा लिपि के बारे में आप क्या जानते हैं?

उत्तर: हड़प्पाई लिपि भाव-चित्रात्मक थी। यह एक रहस्यमयी लिपि है जिसे आज तक पढ़ा नहीं जा सका है। यह दायीं से बायीं ओर लिखी जाती थी और इसमें चिन्हों की संख्या लगभग 375 से 400 के बीच थी।

20. हड़प्पा सभ्यता में मनके बनाने के लिए किन पदार्थों का प्रयोग किया जाता था?

उत्तर: मनके बनाने के लिए कार्नीलियन, जैस्पर, स्फटिक, ताँबा, काँसा, सोना, शंख, फयान्स और पकी मिट्टी (Terracotta) का प्रयोग किया जाता था।

21. हड़प्पा सभ्यता की सड़क व्यवस्था पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: हड़प्पा की सड़कें ग्रिड पद्धति पर आधारित थीं, जो एक-दूसरे को समकोण (90°) पर काटती थीं। सड़कों की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता था।

22. सिंधु घाटी सभ्यता में शवों के दाह संस्कार के कितने प्रकार थे?

उत्तर: दाह संस्कार तीन प्रकार के थे:

(a) पूर्ण समाधिकरण: शव को पूरी तरह जमीन में गाड़ देना।

(b) आंशिक समाधिकरण: शव को पशु-पक्षियों के खाने के लिए छोड़ देना और बाद में अवशेषों को गाड़ना।

(c) दाह कर्म: शव को जलाकर उसकी भस्म को गाड़ना।

23. सर जॉन मार्शल कौन थे?

उत्तर: सर जॉन मार्शल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) के डायरेक्टर जनरल थे। उन्होंने 1924 में पूरे विश्व के समक्ष सिंधु घाटी सभ्यता की खोज की औपचारिक घोषणा की थी।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

1. प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन के विभिन्न स्रोतों का वर्णन करें।

उत्तर: भारतीय इतिहास के अध्ययन के तीन मुख्य स्रोत हैं:

  • (i) पुरातात्विक स्रोत: इसमें अभिलेख, सिक्के, मूर्तियाँ, चित्रकला, स्मारक और भवन आते हैं। ये सबसे प्रामाणिक स्रोत माने जाते हैं।

  • (ii) साहित्यिक स्रोत: ये दो प्रकार के होते हैं—धार्मिक साहित्य (वेद, रामायण, महाभारत, पुराण, बौद्ध/जैन ग्रंथ) और लौकिक साहित्य (कौटिल्य का अर्थशास्त्र, कल्हण की राजतरंगिणी)।

  • (iii) विदेशी यात्रियों का विवरण: मेगास्थनीज की 'इंडिका' और अलबरूनी की 'तहकीक-ए-हिन्द' जैसे यात्रा वृत्तांत इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।

2. हड़प्पा सभ्यता के विस्तार की विवेचना करें।

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता का आकार त्रिभुजाकार था और इसका क्षेत्रफल लगभग 12,99,600 वर्ग किमी था। यह उत्तर में 'मांडा' (जम्मू-कश्मीर) से दक्षिण में 'दैमाबाद' (महाराष्ट्र) तक और पूर्व में 'आलमगीरपुर' (उत्तर प्रदेश) से पश्चिम में 'सुत्कागेंडोर' (पाकिस्तान) तक फैली हुई थी।

3. हड़प्पा सभ्यता के नगर नियोजन (Town Planning) की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।

उत्तर:

  • नगर का विभाजन: शहर दो भागों में बँटा था—'दुर्ग' (छोटा और ऊँचा भाग जहाँ संभवतः शासक रहते थे) और 'निचला शहर' (बड़ा भाग जहाँ आम लोग रहते थे)।

  • गृह स्थापत्य: मकान पकी ईंटों के बने थे। घर के बीच में आंगन होता था और चारों ओर कमरे। गोपनीयता के लिए मुख्य द्वार से आंगन सीधा नहीं दिखता था और निचली मंजिल की दीवारों में खिड़कियाँ नहीं होती थीं।

  • जल निकासी: गलियों और सड़कों को ग्रिड पद्धति में बनाया गया था। हर घर की नाली बाहर की मुख्य नाली से जुड़ी थी जो ढकी हुई होती थी।

  • सड़कें: सड़कें चौड़ी थीं और एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं।

4. हड़प्पा सभ्यता की धार्मिक और सामाजिक स्थिति की विवेचना करें।

उत्तर:

  • धार्मिक जीवन: कोई मंदिर नहीं मिला है, लेकिन मातृदेवी की पूजा के साक्ष्य मिले हैं। 'पशुपति शिव' की मुहर मिली है। लोग प्रकृति (पीपल, बैल, नाग) की पूजा करते थे। स्वास्तिक का चिन्ह और अग्नि कुंड (कालीबंगन/लोथल) भी मिले हैं।

  • सामाजिक जीवन: समाज संभवतः मातृसत्तात्मक था। लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थे। आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics) और मनोरंजन के लिए पाँसा (Dice) व नृत्य प्रचलित थे।

5. हड़प्पा सभ्यता के आर्थिक जीवन की विवेचना करें।

उत्तर:

  • कृषि: मुख्य व्यवसाय कृषि था (गेहूं, जौ, कपास)।

  • पशुपालन: भेड़, बकरी, भैंस और सूअर पाले जाते थे।

  • शिल्प और व्यापार: मनके बनाना, शंख की कटाई और धातु कर्म प्रमुख शिल्प थे। व्यापार आंतरिक और बाह्य (मेसोपोटामिया के साथ) दोनों स्तरों पर होता था, जो वस्तु विनिमय (Barter System) पर आधारित था।

6. हड़प्पा सभ्यता के पतन के प्रमुख कारणों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: इसके पतन के कई संभावित कारण बताए जाते हैं:

(i) भीषण बाढ़, (ii) जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई, (iii) महामारी (जैसे मलेरिया), (iv) नदियों द्वारा मार्ग बदलना, (v) बाहरी आक्रमण (आर्यों का आक्रमण), (vi) भूकंप।

7. हड़प्पा सभ्यता में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

  • मुहरें: व्यापारिक सुरक्षा के लिए मुहरों का प्रयोग।

  • लिपि: अपनी विशिष्ट चित्रलिपि का विकास।

  • बाट (Weights): माप-तोल के लिए सटीक बाटों का प्रयोग जो 1, 2, 4, 8... के अनुपात (Binary) और दशमलव प्रणाली पर आधारित थे।

  • धातुकर्म: ताँबा और टिन मिलाकर काँसा बनाने की कला में निपुणता।

धन्यवाद