Political Science 12th Chapter 2 Book 1 दो ध्रुवीयता का अंत
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
Q1. तनाव शैथिल्य (Détente) क्या है?
Ans- जब शीत युद्ध के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच कड़वाहट कम होने लगी और दोनों देश आपस में दोस्ती और शांति से रहने की कोशिश करने लगे, तो इस स्थिति को 'तनाव शैथिल्य' कहा जाता है।
Q2. एक ध्रुवीय विश्व से आप क्या समझते हैं?
Ans- दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया दो गुटों (अमेरिका और सोवियत संघ) में बँटी थी। लेकिन 1991 में जब सोवियत संघ बिखर गया, तो दुनिया में केवल अमेरिका ही सबसे बड़ी शक्ति बचा। जब पूरी दुनिया में एक ही देश का दबदबा हो, तो उसे 'एक ध्रुवीय विश्व' कहते हैं।
Q3. दो ध्रुवीयता और एक ध्रुवीयता में अंतर बताइए।
Ans- * दो ध्रुवीयता: जब दुनिया में दो बड़ी शक्तियाँ (अमेरिका और सोवियत संघ) आपस में मुकाबला कर रही थीं (1945-1991)।
एक ध्रुवीयता: सोवियत संघ के टूटने के बाद जब दुनिया में केवल अमेरिका का वर्चस्व रह गया।
Q4. एक ध्रुवीयता और बहुध्रुवीयता में अंतर बताएं।
Ans- * एक ध्रुवीयता: इसमें दुनिया में सिर्फ एक ही देश महाशक्ति होता है।
बहुध्रुवीयता: इसमें दुनिया में दो से ज़्यादा देश महाशक्ति होते हैं और कोई एक देश अपनी मनमानी नहीं कर पाता।
Q5. ग्लासनोस्त और पेरेस्त्रोइका से आप क्या समझते हैं?
Ans- 1985 में सोवियत नेता मिखाइल गोर्बाचेव ने देश को सुधारने के लिए दो नीतियाँ अपनाईं:
ग्लासनोस्त: इसका अर्थ है 'खुलापन', ताकि लोग अपनी बात आज़ादी से कह सकें।
पेरेस्त्रोइका: इसका अर्थ है 'फिर से ढांचा खड़ा करना', यानी अर्थव्यवस्था को सुधारना।
Q6. शॉक् थेरेपी क्या है?
Ans- किसी देश की पुरानी सरकारी आर्थिक व्यवस्था को अचानक से बदलकर प्राइवेट (पूंजीवादी) व्यवस्था में लाना 'शॉक थेरेपी' कहलाता है। यह सोवियत संघ के देशों पर आज़माया गया एक मॉडल था।
Q7. शॉक थेरेपी की विशेषताएँ क्या हैं?
Ans- 1. सरकारी संपत्तियों को निजी (प्राइवेट) हाथों में बेचना।
2. सरकारी खेतों की जगह निजी खेती शुरू करना।
3. खुले व्यापार (Free Trade) को अपनाना।
4. अपनी मुद्रा को विदेशी मुद्रा से बदलने की छूट देना।
Q8. शॉक थेरेपी के परिणाम क्या हुए?
Ans- 1. रूस की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई।
2. रूसी मुद्रा 'रूबल' की कीमत बहुत गिर गई।
3. बड़े-बड़े बैंक दिवालिया हो गए।
4. देश में खाने-पीने की कमी हो गई और बाहर से अनाज मंगाना पड़ा।
Q9. गैराज सेल क्या है?
Ans- रूस की अर्थव्यवस्था खराब होने पर वहां के बड़े-बड़े सरकारी उद्योगों को बहुत ही कम और सस्ते दामों पर निजी कंपनियों को बेच दिया गया। इसे ही दुनिया की सबसे बड़ी 'गैराज सेल' कहा जाता है।
Q10. सोवियत प्रणाली (System) क्या है?
Ans- सोवियत संघ की वह व्यवस्था जहाँ सब कुछ सरकार के हाथ में था, समाज में बराबरी की बात होती थी और कम्युनिस्ट पार्टी का शासन था। इसकी शुरुआत 1917 की क्रांति के बाद लेनिन के नेतृत्व में हुई थी।
Q11. सोवियत प्रणाली की कमियाँ बताइए।
Ans- 1. वहाँ बनी चीज़ें पश्चिमी देशों के मुकाबले अच्छी नहीं थीं।
2. सरकारी अफसरों का दबदबा बहुत ज़्यादा था।
3. लोगों को अपनी बात कहने की आज़ादी नहीं थी।
4. देश में सिर्फ एक ही पार्टी (कम्युनिस्ट पार्टी) का शासन था।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
Q1. सोवियत संघ के विघटन (टूटना) के कारणों का वर्णन करें?
Ans- सोवियत संघ के टूटने के मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
कमज़ोर संस्थाएँ: सोवियत संघ की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था अंदर से खोखली हो गई थी, जो जनता की ज़रूरतों को पूरा नहीं कर पा रही थी।
रुकती हुई अर्थव्यवस्था: कई सालों तक अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, जिससे ज़रूरी सामानों की कमी हो गई।
भ्रष्टाचार: कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने 70 सालों तक राज किया और वे धीरे-धीरे भ्रष्ट हो गए और जनता के प्रति लापरवाह हो गए।
हथियारों पर खर्च: सोवियत संघ ने अमेरिका से होड़ करने के लिए अपने ज़्यादातर पैसे परमाणु बम और हथियारों पर खर्च कर दिए, जिससे देश गरीब होता गया।
नेतृत्व की कमी: लेनिन और स्टालिन के बाद सोवियत संघ को कोई मज़बूत नेता नहीं मिला जो व्यवस्था संभाल सके।
Q2. भारत-रूस संबंधों पर संक्षेप में लिखें।
Ans- भारत और रूस पुराने और पक्के दोस्त हैं:
आर्थिक संबंध: दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ता बहुत गहरा है।
सैन्य संबंध: भारत अपने ज़्यादातर युद्धक विमान और हथियार रूस से ही लेता है। रूस हमेशा भारत की मदद के लिए तैयार रहता है।
सांस्कृतिक संबंध: रूस में भारतीय फ़िल्में (जैसे राज कपूर की फ़िल्में) बहुत पसंद की जाती हैं और वहाँ भारतीय त्यौहार भी मनाए जाते हैं।
Q3. सोवियत प्रणाली की विशेषताओं का वर्णन करें।
Ans- 1. योजनाबद्ध व्यवस्था: वहाँ सब कुछ सरकार की योजना के अनुसार चलता था।
2. संसाधनों की भरमार: सोवियत संघ के पास तेल, लोहा और स्टील जैसे खनिजों का बहुत बड़ा भंडार था।
3. बेहतर संचार: वहाँ का आने-जाने और बातचीत का सिस्टम बहुत उन्नत था।
4. जनता का कल्याण: सरकार लोगों को सस्ती शिक्षा, स्वास्थ्य और घर जैसी सुविधाएँ खुद देती थी।
Q4. किन बातों के कारण गोर्बाचेव सोवियत संघ में सुधार के लिए मजबूर हुए?
Ans- 1. हथियारों की दौड़ में सोवियत संघ का सारा पैसा खत्म हो रहा था।
2. लोग देख रहे थे कि पश्चिमी देश (जैसे अमेरिका) उनसे ज़्यादा तरक्की कर रहे हैं।
3. सरकारी तंत्र में बहुत ज़्यादा भ्रष्टाचार बढ़ गया था।
4. कम्युनिस्ट पार्टी की तानाशाही से लोग तंग आ चुके थे और आज़ादी चाहते थे।
Q5. रूस से भारत को होने वाले लाभ लिखिए।
Ans- 1. कश्मीर के मुद्दे पर रूस हमेशा भारत का साथ देता है।
2. रूस ने भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के लिए 'क्रायोजेनिक रॉकेट' दिए।
3. तेल और ऊर्जा की सप्लाई में रूस भारत की मदद करता है।
4. आतंकवाद से लड़ने के लिए रूस ज़रूरी जानकारी शेयर करता है।
5. रूस की मदद से भारत का चीन और अन्य देशों के साथ संतुलन बना रहता है।
क्या आप चाहेंगे कि मैं इनमें से किसी विशेष टॉपिक को और भी विस्तार से समझाऊँ?

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