12th Geography Book 1 प्राथमिक क्रियाएं chapter 5 Subjective

 12th Geography Book 1 प्राथमिक क्रियाएं chapter 5 Subjective



भूगोल: महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न

1. प्राथमिक क्रिया किसे कहते हैं?

उत्तर: प्राथमिक क्रियाएँ वे आर्थिक गतिविधियाँ हैं जो सीधे प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित होती हैं। ये किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मूल आधारशिला मानी जाती हैं। इनके अंतर्गत मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य शामिल होते हैं—

  • कृषि

  • पशुपालन

  • संग्रहण एवं आखेट

  • मत्स्य पालन

  • लकड़ी काटना

  • खनन

2. भिन्न-भिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में कौन-कौन से पशु पाले जाते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: भौगोलिक स्थिति और जलवायु के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के पशु पाले जाते हैं। उदाहरण के रूप में—

  • उष्णकटिबंधीय अफ्रीका: यहाँ मुख्य रूप से गाय और बैल पाले जाते हैं।

  • सहारा तथा एशिया के मरुस्थलीय क्षेत्र: भेड़, बकरी और ऊँट पाले जाते हैं।

  • तिब्बत एवं एंडीज के पर्वतीय क्षेत्र: याक और लामा पाले जाते हैं।

  • आर्कटिक और उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्र: रेनडियर (हिरण) पाले जाते हैं।

3. चलवासी पशु चारण के प्रमुख तीन भौगोलिक क्षेत्र कौन-कौन से हैं?

उत्तर: चलवासी पशु चारण (Nomadic Pastoralism) मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन क्षेत्रों में पाया जाता है—

  1. उत्तरी अफ्रीका के अटलांटिक तट से अरब प्रायद्वीप होते हुए मंगोलिया और मध्य चीन तक का क्षेत्र।

  2. यूरोप और एशिया के टुंड्रा प्रदेश।

  3. दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका तथा मेडागास्कर द्वीप का क्षेत्र।

4. जीवन निर्वाहक कृषि क्या है? (2017A)

उत्तर: जीवन निर्वाहक कृषि वह कृषि पद्धति है जिसमें किसान केवल अपने और अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए खेती करता है। इसमें उत्पादन का उपयोग मुख्यतः भोजन, पशुओं के चारे और घरेलू जरूरतों के लिए किया जाता है।

5. कृषि घनत्व क्या है? (2017A)

उत्तर: कृषि घनत्व से अभिप्राय किसी क्षेत्र की कुल कृषि योग्य भूमि पर कृषि कार्य में लगे लोगों की संख्या से है। इससे यह पता चलता है कि कृषि भूमि पर जनसंख्या का दबाव कितना है।

सूत्र: कृषि में कार्यरत जनसंख्या ÷ कुल कृषि योग्य भूमि = कृषि घनत्व

6. रोपण कृषि की किन्हीं चार फसलों के नाम लिखिए। (2019A)

उत्तर: रोपण कृषि में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उद्देश्य से फसलें उगाई जाती हैं। इसके प्रमुख उदाहरण हैं—

  1. चाय

  2. कॉफी

  3. रबर

  4. कपास

7. कोको के बारे में आप क्या जानते हैं? (2016A)

उत्तर: कोको एक उष्णकटिबंधीय पौधा है जिसकी फलियों से कोको पाउडर, चॉकलेट तथा कोकोआ बटर बनाया जाता है। इसकी खेती मुख्य रूप से पश्चिमी अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के कुछ क्षेत्रों में रोपण कृषि के रूप में की जाती है।

8. विस्तृत वाणिज्यिक अनाज कृषि की किन्हीं चार फसलों के नाम लिखिए। (2018A)

उत्तर: विस्तृत वाणिज्यिक अनाज कृषि में फसलें बड़े क्षेत्र में मुख्यतः व्यापार के उद्देश्य से उगाई जाती हैं। इसकी प्रमुख फसलें हैं—

  1. गेहूं

  2. धान (चावल)

  3. मक्का

  4. जौ या जई

लघु उत्तरीय प्रश्न

9. जीवन निर्वाहक कृषि की दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (2020A)

उत्तर: जीवन निर्वाहक कृषि की प्रमुख दो विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  • आत्मनिर्भरता: इस कृषि में किसान मुख्यतः अपने और अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए फसल उगाता है।

  • छोटे खेत: यह खेती सामान्यतः छोटे-छोटे खेतों में पारंपरिक औजारों और पुराने तरीकों की सहायता से की जाती है।

10. सामूहिक कृषि का वर्णन करें। (2015A, 2022A)

उत्तर: सामूहिक कृषि ऐसी कृषि व्यवस्था है जिसमें कई किसान मिलकर एक समूह बनाते हैं और संयुक्त रूप से खेती करते हैं। इसमें भूमि तथा अन्य संसाधनों का उपयोग सामूहिक रूप से किया जाता है। इस प्रणाली में भूमि का स्वामित्व पूरे समुदाय का होता है तथा खेती से होने वाले लाभ और हानि में सभी सदस्य बराबर के भागीदार होते हैं।

11. बेंदा समाज में वनों को क्या कहा जाता है? (2024A)

उत्तर: बेंदा समाज में वनों को “हरा फेफड़ा” कहा जाता है। वे जंगलों को अपने जीवन, संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण भाग मानते हैं तथा यह विश्वास करते हैं कि उनके देवताओं का निवास भी इन्हीं वनों में होता है।

12. जैव तकनीक से आप क्या समझते हैं? (2024A)

उत्तर: जैव तकनीक (Biotechnology) वह तकनीक है जिसमें जीवित प्राणियों, सूक्ष्म जीवों या जैविक प्रक्रियाओं का उपयोग करके मानव के लिए उपयोगी वस्तुएँ और सेवाएँ तैयार की जाती हैं। इसका उपयोग विशेष रूप से कृषि, चिकित्सा तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में किया जाता है।

13. भूमध्यसागरीय कृषि के महत्व को लिखिए। (2023A)

उत्तर: भूमध्यसागरीय कृषि मुख्य रूप से गर्म तथा शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में की जाती है। इस कृषि पद्धति के माध्यम से अंगूर, खट्टे फल, ताजे फल और विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन होता है। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. गहन निर्वाह कृषि की विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (2019A)

उत्तर: गहन निर्वाह कृषि मुख्यतः विकासशील देशों में पाई जाती है। इसमें सीमित भूमि से अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  • छोटी जोत: अधिकांश किसानों के पास खेती के लिए छोटे-छोटे खेत होते हैं।

  • अधिक श्रम का उपयोग: खेती में परिवार के सदस्य अधिक मेहनत करते हैं।

  • पारंपरिक तकनीक: आधुनिक मशीनों की अपेक्षा पारंपरिक औजारों का अधिक प्रयोग किया जाता है।

  • खाद्यान्न फसलें: इसमें मुख्य रूप से चावल, गेहूं आदि खाद्यान्न फसलें उगाई जाती हैं।

  • खाद एवं सिंचाई का उपयोग: उत्पादन बढ़ाने के लिए जैविक खाद तथा सिंचाई का सहारा लिया जाता है।

2. चलवासी पशुचारण और व्यापारिक पशुपालन में अंतर कीजिए। (2021A)

विशेषता

चलवासी पशुचारण

व्यापारिक पशुपालन

परिभाषा

इसमें पशुपालक पशुओं के साथ चारे की खोज में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते हैं।

यह एक स्थायी और संगठित पशुपालन प्रणाली है।

उद्देश्य

मुख्य उद्देश्य जीवनयापन और स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति होता है।

इसका उद्देश्य लाभ कमाना और उत्पादों को बाजार में बेचना होता है।

स्थान

यह अस्थायी होता है और प्राकृतिक चरागाहों पर निर्भर करता है।

यह स्थायी फार्म या रैंच में किया जाता है।

तकनीक

इसमें पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया जाता है।

इसमें आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रयोग होता है।

3. रोपण कृषि की विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (2018A, 2020A, 2023A)

उत्तर: रोपण कृषि एक ऐसी कृषि प्रणाली है जिसमें बड़े क्षेत्र में एक ही प्रकार की फसल का उत्पादन किया जाता है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  1. एकल फसल प्रणाली: इसमें चाय, कॉफी, रबर या गन्ना जैसी एक ही फसल बड़े क्षेत्र में उगाई जाती है।

  2. विस्तृत क्षेत्र: रोपण कृषि के लिए बड़े-बड़े प्लांटेशन की आवश्यकता होती है।

  3. व्यावसायिक उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य व्यापार और निर्यात के लिए उत्पादन करना होता है।

  4. श्रम प्रधान कृषि: रोपण, देखभाल और कटाई के समय अधिक श्रमिकों की आवश्यकता होती है।

  5. अधिक पूंजी की जरूरत: मशीनों, उर्वरकों और सिंचाई के लिए अधिक पूंजी निवेश करना पड़ता है।

  6. आधुनिक तकनीक का प्रयोग: इसमें वैज्ञानिक तरीकों और उन्नत बीजों का उपयोग किया जाता है।

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