History 12th अध्यायः - 3. बन्धुत्व, जाति तथा वर्ग subjective

 History 12th अध्यायः - 3. बन्धुत्व, जाति तथा वर्ग subjective 




इतिहास (History) - लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. वर्ण व्यवस्था से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: प्राचीन भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था प्रचलित थी। इसके तहत समाज को चार वर्णों में बांटा गया था: ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र। ऋग्वेद के 'पुरुष सूक्त' में इन चारों वर्णों का वर्णन मिलता है। ऐसा माना जाता है कि ब्राह्मण ब्रह्मा के मुख से, क्षत्रिय भुजाओं से, वैश्य जंघा से और शूद्र पैरों से उत्पन्न हुए हैं। इनके कार्य भी विभाजित थे: ब्राह्मण का कार्य यज्ञ संपन्न करना, क्षत्रिय का रक्षा करना, वैश्य का व्यापार करना और शूद्र का कार्य इन तीनों वर्णों की सेवा करना था।


प्रश्न 2. स्त्रीधन क्या होता था?

उत्तर: कन्या के विवाह के समय और उसके बाद उसे जो उपहार प्राप्त होते थे, उन्हें 'स्त्रीधन' कहा जाता था। स्त्रीधन पर स्त्री का पूर्ण अधिकार माना जाता था। उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति इसका उपयोग नहीं कर सकता था। परंपरा के अनुसार, माता की मृत्यु के बाद इस धन को उत्तराधिकार में पाने का हक केवल उसकी पुत्री को होता था।


प्रश्न 3. महाभारत में वर्णित किन्हीं चार विवाहों के प्रकार लिखें।

उत्तर: महाभारत के अनुसार विवाह के प्रमुख चार प्रकार निम्नलिखित हैं:

  1. ब्रह्म विवाह

  2. दैव विवाह

  3. आर्ष विवाह

  4. प्रजापत्य विवाह


प्रश्न 4. वर्ण और जाति में कोई दो अंतर बताइए।

उत्तर: वर्ण और जाति में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

  1. संख्या: वर्णों की संख्या केवल चार थी, जबकि जातियों की संख्या अनिश्चित और बहुत अधिक थी।

  2. विवाह नियम: वर्ण व्यवस्था में 'अन्तर्विवाह' (अपनी ही श्रेणी में विवाह) अनिवार्य नहीं था, जबकि जाति व्यवस्था में अपनी ही जाति में विवाह करना अनिवार्य होता है।


प्रश्न 5. श्रीमद्भगवद्गीता पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत का ही एक महत्वपूर्ण अंश है। कुरुक्षेत्र के युद्ध के दौरान जब अर्जुन दुविधा में थे, तब श्री कृष्ण ने उन्हें जो उपदेश दिए, वही गीता में संकलित हैं। इसमें कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। गीता का अंग्रेजी अनुवाद 1785 ई. में चार्ल्स विल्किन्स (Charles Wilkins) ने किया था।


प्रश्न 6. किन्हीं दो स्मृतियों का नाम लिखें।

उत्तर: प्राचीन भारत की दो प्रमुख स्मृतियाँ और उनके लेखक निम्नलिखित हैं:

  1. मनुस्मृति: इसके लेखक मनु थे।

  2. याज्ञवल्क्य स्मृति: इसके लेखक ऋषि याज्ञवल्क्य थे।


प्रश्न 7. हिन्दू धर्म के दो महाकाव्य के नाम लिखें।

उत्तर: हिन्दू धर्म के दो सबसे बड़े और प्रमुख महाकाव्य हैं:

  1. रामायण: इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि हैं।

  2. महाभारत: इसके रचयिता महर्षि वेदव्यास माने जाते हैं।


प्रश्न 8. महाभारत पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: महाभारत हिन्दू धर्म का एक महान महाकाव्य है, जिसकी रचना वेदव्यास ने की थी। इसमें कुल 18 पर्व हैं। यह कौरवों और पांडवों के बीच हुए भीषण युद्ध का वर्णन करता है। यह युद्ध कुरुक्षेत्र के मैदान में 18 दिनों तक चला था, जिसमें अंततः पांडवों की विजय हुई थी।


प्रश्न 9. महाभारत में कितने प्रकार के विवाह का वर्णन था? सभी का नाम लिखें।

उत्तर: महाभारत में आठ प्रकार के विवाहों का वर्णन मिलता है:

(1) ब्रह्म विवाह, (2) देव विवाह, (3) आर्ष विवाह, (4) प्रजापत्य विवाह, (5) असुर विवाह, (6) गंधर्व विवाह, (7) राक्षस विवाह और (8) पिशाच विवाह।

इनमें से प्रथम चार को 'उत्तम' और अंतिम चार को 'निंदनीय' माना जाता था।


प्रश्न 10. बहुपत्नी प्रथा और बहुपति प्रथा में अंतर लिखें।

उत्तर: * बहुपत्नी प्रथा: जब एक पुरुष की एक से अधिक पत्नियां होती हैं, तो उसे बहुपत्नी प्रथा कहते हैं। उदाहरण: राजा पांडु की दो पत्नियां थीं—कुंती और माद्री।

  • बहुपति प्रथा: जब एक स्त्री के एक से अधिक पति होते हैं, तो उसे बहुपति प्रथा कहते हैं। उदाहरण: द्रौपदी के पांच पति (पांडव) थे।


प्रश्न 11. गोत्र किसे कहते थे? गोत्र के दो नियम लिखें।

उत्तर: गोत्र का आधार किसी वैदिक ऋषि का नाम होता था। उस गोत्र के सभी सदस्य उस ऋषि के वंशज माने जाते थे। विशेष रूप से ब्राह्मणों का वर्गीकरण गोत्र के आधार पर ही किया जाता था।

गोत्र के दो प्रमुख नियम:

  1. एक ही गोत्र के सदस्य आपस में विवाह नहीं कर सकते थे।

  2. विवाह के पश्चात स्त्रियों को अपने पिता के स्थान पर पति का गोत्र अपनाना पड़ता था।



 

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