Sociology Book 1 अध्याय - 1: भारतीय समाज का परिचय
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
1. समाज क्या है?
उत्तर: समाज लोगों का एक ऐसा समूह है जहाँ लोग आपस में मिल-जुलकर रहते हैं। इसमें लोग निश्चित नियमों, रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते हैं। समाज की मुख्य विशेषता सदस्यों के बीच पारस्परिक सहयोग और समझ होती है।
जैसे: परिवार, गाँव, स्कूल या पूरा देश।
2. समाजशास्त्र क्या है?
उत्तर: समाजशास्त्र वह विज्ञान या विषय है जो समाज में रहने वाले लोगों के आपसी संबंधों, उनके व्यवहार, सामाजिक नियमों और रीति-रिवाजों का वैज्ञानिक अध्ययन करता है।
3. समाजशास्त्र का अध्ययन क्यों किया जाता है?
उत्तर: समाजशास्त्र का अध्ययन निम्नलिखित कारणों से आवश्यक है:
समाज की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने के लिए।
लोगों के बीच के सामाजिक रिश्तों को जानने के लिए।
सामाजिक समस्याओं (जैसे- गरीबी, जातिवाद) के कारणों को समझने और उन्हें सुलझाने के उपाय खोजने के लिए।
4. आत्मवाचक या स्ववाचक क्या है?
उत्तर: जब कोई व्यक्ति स्वयं को दूसरों की नजरों से देखने और समझने की कोशिश करता है, तो सोचने के इस तरीके को 'आत्मवाचक' या 'स्ववाचक' कहा जाता है। जैसे: यह सोचना कि "दूसरे मेरे बारे में क्या सोचते होंगे?" या "मेरा यह काम समाज की नजर में कैसा है?"
5. सामाजिक संरचना क्या है?
उत्तर: जब समाज के लोग, समूह और संस्थाएँ (जैसे परिवार, धर्म, शिक्षा) एक निश्चित नियम और व्यवस्थित तरीके से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, तो इस पूरी व्यवस्था को सामाजिक संरचना कहते हैं।
6. भारतीय समाज की अनेकता के बीच एकता क्या है?
उत्तर: भारत एक विशाल देश है जहाँ विभिन्न जातियाँ, धर्म, भाषाएँ और संस्कृतियाँ पाई जाती हैं। इतनी विविधताओं के बावजूद लोगों में आपसी भाईचारा और मिल-जुलकर रहने की भावना है। इसी विशेषता को 'अनेक्यता में एकता' कहा जाता है।
7. राष्ट्रीय एकता क्या होता है?
उत्तर: राष्ट्रीय एकता का अर्थ है कि देश के सभी नागरिक, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या क्षेत्र के हों, एक राष्ट्र के रूप में मिल-जुलकर रहें। इसमें आपसी प्रेम, भाईचारा और देश के प्रति समर्पण की भावना सर्वोपरि होती है।
8. उपनिवेशवाद किसे कहते हैं?
उत्तर: जब कोई शक्तिशाली देश किसी कमजोर देश पर जबरन कब्जा कर लेता है और वहाँ के संसाधनों (Resources) तथा लोगों का उपयोग अपने फायदे के लिए करता है, तो इसे उपनिवेशवाद कहते हैं।
जैसे: अंग्रेजों ने भारत को अपना उपनिवेश बनाया था।
Q नव-उपनिवेशवाद को परिभाषित करें।
उत्तर: इसमें कोई शक्तिशाली देश किसी दूसरे देश पर सीधे शासन तो नहीं करता, लेकिन अपनी आर्थिक, तकनीकी या सैन्य शक्ति के जरिए उस पर अपना नियंत्रण और प्रभाव बनाए रखता है। यह उपनिवेशवाद का आधुनिक और अप्रत्यक्ष रूप है।
10. राष्ट्रवाद को परिभाषित करें।
उत्तर: राष्ट्रवाद एक ऐसी भावना है जिसमें व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत, जातीय या क्षेत्रीय पहचान से ऊपर उठकर अपने देश के हित, एकता और अखंडता के बारे में सोचता है। यह देश के प्रति प्रेम और निष्ठा का भाव है।
11. वर्ग क्या होता है?
उत्तर: वर्ग (Class) लोगों का वह समूह है जिनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति (जैसे आय, पेशा, शिक्षा) लगभग एक समान होती है। जैसे- उच्च वर्ग, मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग।
12. समुदाय किसे कहते हैं?
उत्तर: समुदाय लोगों का वह बड़ा समूह है जो एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में साथ रहते हैं और जिनके बीच 'हम' की भावना (Emotional Bonding) होती है।
जैसे: ग्रामीण समुदाय (गाँव), नगरीय समुदाय (शहर)।
13. ग्रामीण समुदाय को परिभाषित करें।
उत्तर: ग्रामीण समुदाय वह क्षेत्र है जहाँ लोग प्राथमिक रूप से खेती-बारी पर निर्भर होते हैं। यहाँ जीवन सरल होता है, जनसंख्या कम होती है और लोग पुरानी परंपराओं व आपसी सहयोग से जुड़े होते हैं।
14. नगरीय समुदाय को परिभाषित करें।
उत्तर: नगरीय समुदाय (शहर) वह क्षेत्र है जहाँ जनसंख्या अधिक होती है और लोग खेती के बजाय व्यापार, नौकरी, उद्योग और सेवाओं में लगे होते हैं। यहाँ जीवन भागदौड़ भरा और आधुनिक सुविधाओं से युक्त होता है।
15. पुरुषार्थ के प्रकार का वर्णन करें।
उत्तर: भारतीय दर्शन में पुरुषार्थ के चार प्रकार बताए गए हैं, जो जीवन के मुख्य उद्देश्य हैं:
धर्म: कर्तव्य पालन।
अर्थ: धन और संपत्ति का अर्जन।
काम: इच्छाओं और सुख की पूर्ति।
मोक्ष: जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति।
16. वानप्रस्थ आश्रम के दो कर्तव्य लिखें।
उत्तर: वानप्रस्थ आश्रम (50-75 वर्ष) के दो मुख्य कर्तव्य हैं:
इंद्रियों पर नियंत्रण: अपनी इच्छाओं और मोह-माया को त्याग कर संयमित जीवन जीना।
समाज सेवा: निस्वार्थ भाव से समाज और परिवार को अपने अनुभवों से लाभ पहुँचाना।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
1. भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर: भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
क्षेत्रीय या भौगोलिक विविधता: यहाँ ऊँचे पहाड़, रेगिस्तान और समुद्र तट जैसी विविध भौगोलिक स्थितियाँ हैं।
भाषायी विविधता: भारत में सैकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ बोली जाती हैं (जैसे- हिंदी, बंगाली, तमिल आदि)।
धार्मिक विविधता: यहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन आदि सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं।
जातीय विविधता: समाज अनेक जातियों और जनजातियों में बँटा हुआ है, जिनकी अपनी अलग संस्कृतियाँ हैं।
2.ग्रामीण समुदाय की प्रमुख समस्याएँ क्या हैं? उत्तर: आज के गाँवों में विकास तो हुआ है, लेकिन फिर भी कुछ गंभीर समस्याएँ मौजूद हैं:
आर्थिक समस्याएँ: खेती के लिए अच्छे बीज, खाद और सिंचाई की कमी। बाढ़ या सूखा पड़ना।
सामाजिक समस्याएँ: शिक्षा की कमी (विशेषकर महिलाओं में) और जातिगत भेदभाव।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ: गाँवों में अच्छे अस्पतालों और डॉक्टरों का अभाव।
बेरोजगारी और पलायन: काम की तलाश में युवाओं का शहरों की ओर जाना।
भूमिहीनता: बहुत से मजदूरों के पास अपनी जमीन नहीं है, जिससे जीवन यापन मुश्किल होता है।
3. भारतीय समाज में पुरुषार्थ का अर्थ क्या होता है और सभी प्रकार का वर्णन करें। उत्तर: पुरुषार्थ का अर्थ है 'मनुष्य के जीवन का लक्ष्य'। यह एक नैतिक सिद्धांत है जो जीवन को संतुलित बनाता है। इसके चार प्रकार हैं:
धर्म: सत्य, न्याय और कर्तव्यों का पालन करना।
अर्थ: ईमानदारी से धन कमाना ताकि जीवन की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
काम: जीवन के सुखों, प्रेम और कला का मर्यादित ढंग से आनंद लेना।
मोक्ष: यह जीवन का अंतिम लक्ष्य है, जिसका अर्थ है आत्मा की शांति और ईश्वर की प्राप्ति।
4. भारतीय समाज में आश्रम व्यवस्था का अर्थ क्या होता है और सभी प्रकार का वर्णन करें। उत्तर: आश्रम व्यवस्था मनुष्य के जीवन को 100 वर्ष मानकर उसे चार चरणों (25-25 वर्ष) में बाँटती है:
ब्रह्मचर्य आश्रम (0-25 वर्ष): इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करना और अनुशासन सीखना है।
गृहस्थ आश्रम (25-50 वर्ष): विवाह करना, परिवार पालना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियाँ निभाना। यह सबसे व्यस्त आश्रम है।
वानप्रस्थ आश्रम (50-75 वर्ष): धीरे-धीरे संसार से दूरी बनाना, ध्यान करना और समाज सेवा की ओर बढ़ना।
संन्यास आश्रम (75 वर्ष के बाद): मोह-माया का पूरी तरह त्याग कर मोक्ष की प्राप्ति के लिए साधना करना।
5. "विविधता में एकता भारतीय समाज की विशेषता है।" व्याख्या करें। उत्तर: इसका अर्थ है कि भारत में धर्म, भाषा, जाति और पहनावे में बहुत अंतर होने के बावजूद सभी लोग भारतीयता के सूत्र में बँधे हैं।
भौगोलिक एकता: हिमालय से कन्याकुमारी तक पूरा भारत एक भौगोलिक इकाई है।
सांस्कृतिक एकता: अलग-अलग राज्यों के त्योहार (जैसे दिवाली, ईद, पोंगल) पूरे देश में सम्मान के साथ देखे जाते हैं।
संवैधानिक एकता: भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और भाईचारे की प्रेरणा देता है।

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