Hindi 12th अध्याय 7 'ओ सदानीरा' के महत्वपूर्ण subjective

Hindi 12th अध्याय 7 'ओ सदानीरा' के महत्वपूर्ण subjective 


लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 1. 'चौर' और 'मन' किसे कहते हैं?

उत्तर: चौर और मन गंडक नदी के तटीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले विशेष प्रकार के ताल (जलाशय) हैं।

  • चौर: ये उथले पानी के ताल होते हैं जिनमें जाड़े और गर्मी में पानी कम हो जाता है और खेती भी की जा सकती है।

  • मन: ये गहरे और विशाल ताल होते हैं, जिनका जल स्तर हमेशा बना रहता है और इन्हें हिलाया नहीं जा सकता।

प्रश्न 2. पुंडलीक जी कौन थे?

उत्तर: पुंडलीक जी एक आदर्श शिक्षक और गांधीजी के निष्ठावान सहयोगी थे। गांधीजी ने उन्हें बेलगाँव से भितिहरवा आश्रम में बच्चों को शिक्षित करने और ग्रामीणों के मन से अंग्रेजों का 'भय' दूर करने के लिए बुलाया था। वे निर्भीकता के प्रतीक थे।

प्रश्न 3. 'ओ-सदानीरा' किस नदी के लिए कहा गया है?

उत्तर: 'ओ-सदानीरा' प्रसिद्ध लेखक जगदीशचंद्र माथुर द्वारा गंडक नदी को संबोधित किया गया है। सदानीरा का अर्थ होता है— 'वह नदी जिसमें सदैव जल भरा रहे'।

प्रश्न 4. लेखक के अनुसार सुरक्षा कहाँ है?

उत्तर: लेखक के अनुसार सुरक्षा भागने या छिपने में नहीं है। असली सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने और कठिन परिस्थितियों को झेलने में है। सुरक्षा डायरी के पन्नों में नहीं बल्कि जीवन के संघर्षों में निहित है।

प्रश्न 5. इतिहास में 'क्रीमिआई प्रक्रिया' का आशय क्या है?

उत्तर: इतिहास में 'क्रीमिआई प्रक्रिया' का अर्थ है— अलग-अलग संस्कृतियों और जातियों का एक स्थान पर आकर घुल-मिल जाना। चंपारण के संदर्भ में, यहाँ दक्षिण भारत के कर्नाटक वंश के लोग आए, फिर थारू और धांगड़ जातियाँ बसीं। जिस प्रकार पारे से सोना बनाने की रासायनिक प्रक्रिया को कीमिया कहा जाता है, वैसे ही यहाँ विभिन्न संस्कृतियों के मिश्रण से एक नई संस्कृति का जन्म हुआ।

प्रश्न 6. 'धांगड़' शब्द का क्या अर्थ है?

उत्तर: 'धांगड़' शब्द का अर्थ ओराँव भाषा में 'भाड़े का मजदूर' होता है। इन लोगों को 18वीं शताब्दी के अंत में छोटा नागपुर पठार से नील की खेती में काम करने के लिए चंपारण लाया गया था। इनका जीवन अत्यंत कष्टकारी और गुलामी जैसा था।

प्रश्न 7. अंग्रेज नीलहे किसानों पर क्या अत्याचार करते थे?

उत्तर: अंग्रेज नीलहे गोरे किसानों पर अनेक अत्याचार करते थे:

  • वे किसानों को जबरन 'तीनकठिया' व्यवस्था के तहत अपनी उपजाऊ भूमि पर नील की खेती करने को मजबूर करते थे।

  • किसानों को साहबों की सड़कों पर चलने या बीमार पड़ने पर इलाज के लिए भी भारी टैक्स देना पड़ता था।

  • त्योहारों पर उन्हें अंग्रेज साहबों को उपहार भेजने के लिए विवश किया जाता था।

प्रश्न 8. गंगा पर पुल बनाने में अंग्रेजों ने क्यों दिलचस्पी नहीं ली?

उत्तर: अंग्रेज सरकार का मानना था कि यदि गंगा पर पुल बन गया तो दक्षिण बिहार के बागी विचार और विद्रोही लोग आसानी से चंपारण पहुँच जाएंगे। चंपारण में अंग्रेज नीलहे किसानों का शोषण कर रहे थे और वे नहीं चाहते थे कि बाहरी हस्तक्षेप से उनकी सत्ता को कोई खतरा हो। विद्रोह को रोकने के लिए उन्होंने पुल नहीं बनाया।

प्रश्न 9. गांधीजी के शिक्षा संबंधी आदर्श क्या थे?

उत्तर: गांधीजी के शिक्षा संबंधी मुख्य आदर्श निम्नलिखित थे:

  1. शिक्षा का उद्देश्य केवल अक्षर-ज्ञान (साक्षरता) नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और बुद्धि का विकास होना चाहिए।

  2. बच्चे सुसंस्कृत और सदाचारी बनें।

  3. शिक्षा ऐसी हो जो जीवन की आजीविका कमाने में सहायक हो।

  4. स्कूल की पढ़ाई गाँव के जीवन, खेती-बाड़ी और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी होनी चाहिए।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

प्रश्न 1. 'ओ सदानीरा' पाठ का सारांश प्रस्तुत करें।

उत्तर: जगदीशचंद्र माथुर द्वारा रचित 'ओ सदानीरा' एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक निबंध है जो गंडक नदी को केंद्र में रखकर लिखा गया है।

  • नदी का स्वरूप: लेखक ने गंडक को 'चंचल' और 'नारायणी' कहा है। यह नदी सदियों से चंपारण की संस्कृति की साक्षी रही है। प्राचीन काल में यहाँ घने जंगल थे, जो नदियों की बाढ़ को रोकते थे, लेकिन पेड़ों की कटाई के कारण अब यहाँ विनाशकारी बाढ़ आती है।

  • इतिहास का चित्रण: लेखक ने यहाँ कर्नाटक वंश के राजा नान्यदेव, गयासुद्दीन तुगलक और अंग्रेजों के अत्याचारों का वर्णन किया है। साथ ही थारू और धांगड़ जातियों की कला एवं संस्कृति पर प्रकाश डाला है।

  • गांधीजी का आगमन: निबंध में चंपारण सत्याग्रह और गांधीजी द्वारा शिक्षा एवं निर्भीकता के प्रसार का सजीव चित्रण है।

  • निष्कर्ष: अंततः लेखक नदी के बदलते स्वरूप और मानवीय हस्तक्षेप पर दुःख प्रकट करते हुए उसे श्रद्धा के साथ नमन करते हैं।

प्रश्न 2. गांधीजी ने झोपड़ी कहाँ बनायी थी?

उत्तर: चंपारण अभियान के दौरान जब गांधीजी भितिहरवा पहुँचे, तो उन्हें किसी ने भी डर के मारे रहने की जगह नहीं दी। अंत में, भितिहरवा मठ के महंत ने उन्हें एक महुए के पेड़ के नीचे शरण दी। वहीं गांधीजी ने अपनी खटिया बिछाई और बाद में एक झोपड़ी बनाई, जिसे 'आश्रम' का रूप दिया गया। बाद में डॉ. देव ने वहाँ रहकर कार्य किया। हालांकि एमन साहब के करिंदों ने इस झोपड़ी को जला दिया था, पर बाद में वहाँ एक खपरैल का भवन बना जो आज भी ऐतिहासिक धरोहर है।





लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 4. चंपारण में शिक्षा की व्यवस्था के लिए गांधीजी ने क्या किया?

उत्तर: गांधीजी का मानना था कि केवल आर्थिक सुधार से किसानों की स्थिति नहीं बदलेगी, इसके लिए शिक्षा अनिवार्य है। उन्होंने चंपारण के तीन गाँवों में विद्यालय स्थापित किए:

  1. बड़हरवा: यहाँ का स्कूल बवनजी गोखले और उनकी पत्नी चलाते थे, साथ में गांधीजी के छोटे बेटे देवदास गांधी भी थे।

  2. मधुबन: यहाँ नरहरिदास पारिख, उनकी पत्नी और महादेव देसाई ने शिक्षण कार्य संभाला। यहाँ आचार्य कृपलानी और बाद में पुंडलीक जी भी रहे।

  3. भितिहरवा: यहाँ कस्तूरबा गांधी (बा) स्वयं रहती थीं और आश्रम के कार्यकर्ताओं की देखरेख करती थीं।

प्रश्न 5. चंपारण क्षेत्र में बाढ़ आने का प्रमुख कारण क्या है?

उत्तर: चंपारण में बाढ़ आने का मुख्य कारण जंगलों का अंधाधुंध विनाश है।

  • पहले यह भूमि घने जंगलों से ढकी थी, वृक्षों की जड़ें पानी की गति को कम करती थीं और मिट्टी को बांधकर रखती थीं।

  • खेती और निवास के लिए पेड़ों को काट दिया गया, जिससे नदियां उन्मुक्त हो गईं। अब बरसात में मसान, सिकराना और गंडक जैसी नदियाँ उफान पर आती हैं। लेखक ने बाढ़ की इस उग्रता की तुलना 'कैकेयी के क्रोध' से की है।

प्रश्न 6. 'ओ सदानीरा' पाठ में आए 'नौका विहार' प्रसंग का वर्णन करें।

उत्तर: लेखक ने भैंसालोटन के पास गंडक नदी पर हो रहे विकास कार्यों का वर्णन किया है। वहां भारतीय इंजीनियर जंगल के बीच बिजली और नहर का जाल बिछा रहे थे। लेखक जब मोटरबोट (नौका) से विहार करते हैं, तो वे देखते हैं कि कैसे आधुनिक तकनीक (बराज और नहर) प्रकृति को नियंत्रित कर रही है। लेखक ने इस दृश्य को 'विराट नारायण' का रूप माना है, जिसमें नहरें उनकी भुजाएँ और बिजली के तार उनके 'त्राणकर्ता चक्र' के समान प्रतीत होते हैं।


सप्रसंग व्याख्यात्मक प्रश्न (Explanatory Questions)

प्रश्न 1. "कैसी चम्पारण की यह भूमि? मानो विस्मृति के हाथों अपनी बड़ी से बड़ी निधियों को सौंपने के लिए प्रस्तुत रहती है।"

संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ जगदीशचंद्र माथुर द्वारा रचित निबंध 'ओ सदानीरा' से ली गई हैं।

व्याख्या: लेखक कहते हैं कि चंपारण की भूमि का इतिहास बहुत महान रहा है। यहाँ अनेक संस्कृतियाँ आईं, गांधीजी ने शिक्षा और निर्भीकता के बीज बोए। लेकिन समय के साथ यहाँ के लोग और यह भूमि सब कुछ भूल गई है। आज भितिहरवा आश्रम उपेक्षित है, जंगल कट चुके हैं और केवल यादें शेष हैं। यह भूमि अपनी अमूल्य धरोहरों (निधियों) को सहेजने के बजाय उन्हें भूल जाने (विस्मृति) के लिए तैयार दिखती है।

प्रश्न 2. "वसुंधरा भोगी मानव और धर्मांध मानव—एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।"

संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ जगदीशचंद्र माथुर द्वारा रचित निबंध 'ओ सदानीरा' से ली गई हैं।

व्याख्या: लेखक के अनुसार, एक ओर वह मनुष्य है जो केवल धरती का भोग (वसुंधरा भोगी) करना चाहता है, जिसने अपनी सुख-सुविधा के लिए जंगलों को काटा और प्रकृति को नष्ट किया। दूसरी ओर वह मनुष्य है जो धर्म के नाम पर अंधविश्वासी (धर्मांध) होकर नदियों और प्रकृति को प्रदूषित करता है या विनाश का कारण बनता है। दोनों ही प्रकार के मनुष्य अंततः प्रकृति का विनाश कर रहे हैं, इसलिए वे एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।


बोर्ड परीक्षा के लिए विशेष सुझाव:

  • सप्रसंग व्याख्या लिखते समय हमेशा पहले 'संदर्भ' (लेखक और पाठ का नाम) लिखें, फिर 'प्रसंग' (किस बारे में बात हो रही है) और अंत में 'व्याख्या' करें।

  • उत्तरों में जहाँ भी तुलनात्मक शब्द आएँ (जैसे: कैकेयी का क्रोध, विराट नारायण), उन्हें इनवर्टेड कॉमा (" ") में लिखें।


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